Booting kya hai – Booting के प्रकार, Booting Process | Booting in Hindi

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Booting kya hai – जब भी आप कंप्यूटर या लैपटॉप को चालू करते है तो आपने जरूर सोचा होगा की कंप्यूटर और लैपटॉप चालु कैसे होते है। कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को शुरू करने की प्रक्रिया को Booting कहा जाता है। आज हम आपको Booting kya hai, Booting के प्रकार, Booting की Process और Booting की समस्याओं के बारे में बताने वाले है इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरुर पढ़े।

Booting kya hai
Booting kya hai

 

विषय सूची

Booting kya hai (What is Booting in Hindi) – 

जब भी किसीcomputer को start करते है तो इस दौरान computer द्वारा एक automatic process को चलाया जाता है और इसी process के कारण computer start हो पाता है, इस process को Booting कहा जाता है। Booting एक ऐसा process होता है जिसके कारण एक computer start हो पाता है। कंप्यूटर में power के आने से लेकर इसे operate करने तक की प्रक्रिया को Booting Process कहते है। 

Booting Process में कंप्यूटर सिस्टम के सभी hardware और software को check करता है। यह उन files को भी load करता है जिनकी मदद से system को start और running किया जा सके। इस प्रोसेस में POST (Power On Self Test) से लेकर Operating System को RAM पर Load होकर Desktop Screen Appear होने तक की प्रक्रिया शामिल होती है।

जब आप computer में Power Button दबाते हैं, तो कंप्यूटर का firmware अर्थात् BIOS एक्टिव होता है और यह सुनिश्चित करता है कि hardware ठीक से काम कर रहा है, इसे POST (Power On Self Test) के रूप में जाना जाता है।

POST की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद फर्मवेयर Operating System (OS) को Computer की Main Memory यानि RAM में Load करता है। यहाँ से Operating System का कार्य शुरू होता है जो कंप्यूटर से जुड़े सभी हार्डवेयर और उपकरणों को शुरू करता है। अंत में ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ता को login screen के साथ प्रस्तुत करता है और कंप्यूटर उपयोग के लिए तैयार हो जाता है। 

 

Booting के प्रकार (Types of Booting in Hindi) –

Booting दो प्रकार की होती है, जिसमें Cold Booting और Warm Booting है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते है –

Cold Booting (कोल्ड बूटिंग) –

Cold Booting वह बूटिंग होती है जिसमे कंप्यूटर बिलकुल नए सिरे से Boot होता है अर्थात् कोल्ड बूटिंग पूरी तरह से बंद अवस्था से कंप्यूटर को चालू करने की प्रक्रिया है। जब हम बंद computer को power button को दबा कर start करते है तो वो Cold Booting होती है। Cold Boot को hard boot, cold start और dead start के नाम से भी जाना जाता है।

Cold Booting की प्रक्रिया को POST (Power On Self Test) के रूप में भी जाना जाता है। जब आप अपने computer को on करते हैं, तो power supply या SMPS मदरबोर्ड को बिजली भेजती है जिससे BIOS शुरू होता है। अब BIOS जांच करता है कि सभी hardware components अच्छे से काम कर रहे हैं और उसके बाद Operating System (OS) को Main Memory में load करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को Cold Boot या Cold Booting के रूप में जाना जाता है।

जब कोई Software या Hardware समस्या पैदा कर रहे हो तो Computer को cold start करना बहुत जरूरी भी हो जाता है, ऐसा करने से ही समस्या खत्म हो सकती है। Cold Start करने से Computer की RAM Memory flush हो जाती है और caches भी clear हो जाता है। 

Warm Booting (वार्म बूटिंग) –

Power को Off किए बिना computer को Restart करने की प्रक्रिया Warm Booting कहलाती है। Warm Booting को soft boot के नाम से भी जाना जाता है और सामान्यतः यह system को restart करना होता है।

Warm Booting यानि computer को restart करने के लिए computer cabinet के Restart Button को दबाकर या Power Option में Restart पर Click करके या फिर Alt+Ctrl+Del बटन दबा सकते है। जब हम कंप्यूटर को ऑन रहते हुए केवल Restart करते है तो उस दौरान Warm Booting होती है।

Warm Booting, Cold Booting की तुलना में तेज है क्योंकि इसमें hardware components को फिर से जांचने की आवश्यकता नहीं होती। इसमें कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम को सीधे मेमोरी में लोड करता है। warm booting का इस्तेमाल तब किया जाता है जब system respond करना बंद कर देता है या hang हो जाता है।

 

Booting की Process (Booting Process in Hindi) –

जब Booting करते है तो computer जो process follow करता है, उसके बारे में जानते है –

Power On Self Test (POST) –

जब computer को ON करते हैं तो सबसे पहले POST काम करता है। POST एक built-in डायग्नोस्टिक प्रोग्राम है, जो कंप्यूटर  के सभी hardware components की जांच करता है कि कंप्यूटर के सारे हार्डवेयर कंपोनेंट ठीक तरह से कार्य कर रहे हैं या नहीं।

BIOS (Basic Input/Output System) –

POST के बाद BIOS की प्रक्रिया शुरू होती है। BIOS एक firmware होता है जो कंप्यूटर के हार्डवेयर कंपोनेंट को नियंत्रित करता है। कंप्यूटर को स्टार्ट करने पर सबसे पहले हमें जो स्क्रीन दिखाई देती है उसे ही BIOS कहते है।
जब भी computer on होता है तो BIOS अपने आप ही run होने लगता है। इसका कार्य हार्डवेयर को सेट करना, ऑपरेटिंग सिस्टम को शुरू करना होता है और यह इनपुट और आउटपुट डिवाइसों को नियंत्रित भी करता है।

Boot Loader –

Boot Loader एक Program होता है जो Operating System (OS) को memory में Load करता है। Boot Loader आमतौर पर Hard Disk में होता है और यह BIOS द्वारा load किया जाता है।

Operating System Initialization –

जब Boot Loader ऑपरेटिंग सिस्टम को memory में Load कर देता है तो उसके बाद Operating System (OS) शुरू हो जाता है। Operating System Initialization की प्रक्रिया में device drivers, services, और अन्य आवश्यक system components को load किया जाता है। ये drivers ऐसे programs के होते है जो computer के साथ जुड़े peripheral devices को run करने में मदद करते है।

User Authentication/Login –

ऑपरेटिंग सिस्टम के शुरू होने के बाद अगर computer administrator ने computer start पर कोई login ID और password डाल रखा है तब यह आता है नहीं तो सीधा computer start हो जाता है। अगर आपने login password set किया हुआ है तो login screen पर आपको password डालना होगा। जब user login करता है तो कंप्यूटर उपयोग के लिए तैयार होता है।

 

Booting की समस्याएं (Booting Problems in Hindi) –

Computer ON ना होना – अगर आपका कंप्यूटर चालू नही हो रहा है, तो आप power supply को check जांच करें। 

Startup पर Computer का Beeps करना – अगर कंप्यूटर को चालू करते समय बीप की आवाज सुनाई देती है, तो यह hardware समस्या की ओर संकेत करता है।

Boot होने में Computer को ज्यादा समय लगना – अगर कंप्यूटर को बूट करने में ज्यादा समय लगता है तो इसका सामान्य कारण virus या malware हो सकता है। इसके लिए एक अच्छा Antivirus Software install करके पूरे system को  Scan करें। इसके अलावा hard drive का पूरी तरह भरना, पुराने Drivers और  startup programs की वजह से कंप्यूटर बूट होने में ज्यादा समय लेता हैं।

Blue Screen of Death (BSOD) – ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ एक error message है जो windows system के किसी error के कारण दिखाई देता है। यह error हार्डवेयर समस्या के कारण हो सकता है जैसे – hard drive failure, faulty RAM, software problems, corrupt driver.

 

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निष्कर्ष (Conclusion) –

आज आपको Booting kya hai के बारे में बताया है और Booting kya hai, Booting के प्रकार, Booting Process और Booting in Hindi से सम्बन्धित सभी प्रकार की जानकारी के बारे में विस्तार से समझाया है। अगर आपको Booting kya hai या Booting Process in Hindi से सम्बन्धित कोई भी सवाल हो तो आप हमसे कमेंट करके भी पूछ सकते है।

मुझे उम्मीद है की आपको Booting kya hai आर्टिकल पसंद आया होगा और कुछ नया सीखने या जानने को मिला होगा। अगर आपको यह आर्टिकल ज्ञानवर्धक लगा हो तो इसे अपने Friends के साथ एवं Social Media पर भी Share करें जिससे उनको भी इसके बारे जानकारी प्राप्त हो सके। धन्यवाद !

 

FAQ – Booting in Hindi

Q.1 कंप्युटर बूटिंग क्या है?

Ans. Computer की मुख्य मेमोरी यानि RAM में operating system को load करने के लिए computer की प्रक्रिया को कंप्युटर बूटिंग कहा जाता है।

Q.2 बूटिंग प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?

Ans. बूटिंग प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह प्रारंभिक प्रक्रिया है जो कंप्यूटर चालू होने के दौरान संपन्न होती है।

Q.3 क्या होता है यदि बूटिंग प्रक्रिया विफल हो जाती है?

Ans. अगर बूटिंग प्रक्रिया विफल हो जाती है तो कंप्यूटर सही तरह से चालू नही होगा। ऐसा हार्डवेयर की खामियों या सॉफ्टवेयर समस्याओं के कारण हो सकता है। बूटिंग प्रक्रिया विफल हो जाती है तो ऐसी स्थिति में प्रोफेशनल की मदद लेना सबसे आवश्यक होता है।

Q.4 कोल्ड बूटिंग और वार्म बूटिंग में क्या अंतर है?

Ans. कोल्ड बूटिंग तब होती है जब आप कंप्यूटर को पूरी तरह से बंद स्थिति से चालू करते हैं। वही दूसरी ओर, वार्म बूटिंग तब होती है जब आप कंप्यूटर को रीस्टार्ट करते हैं जो पहले से ही चालू स्थिति में होता है।

Q.5 कंप्यूटर को बूट कौन करता है?

Ans. कंप्यूटर को ऑपरेटिंग सिस्टम बूट करता है।

Q.6 कंप्यूटर को स्टार्ट करने को क्या कहते हैं?

Ans. जब आप कंप्‍यूटर CPU के Power button या Start button को प्रेस कर कंप्‍यूटर को स्‍टार्ट करते हैं तो इसे Booting या Cold Booting कहा जाता है।

Q.7 किस प्रकार की बूटिंग तेज होती है?

Ans. Warm Booting (वार्म बूटिंग) तेज होती है।

Q.8 कंप्यूटर को चालू करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

Ans. कंप्युटर को चालू (Start) करने की प्रक्रिया बूटिंग (Booting) कहलाती है।

Q.9 कंप्यूटर बूट होने पर कंप्यूटर पर चलने वाला पहला प्रोग्राम कौन सा है?

Ans. कंप्यूटर बूट होने पर कंप्यूटर पर चलने वाला पहला प्रोग्राम Authentication होता है। 

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