HTTPS क्या है? – कैसे काम करता है, फायदे और नुकसान | Hypertext Transfer Protocol Secure

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आज हम HTTPS के बारे में जानेगे। एचटीटीपीएस क्या है, एचटीटीपीएस कैसे काम करता है, एचटीटीपीएस से संबंधित जानकारियां, एचटीटीपीएस के फायदे और नुकसान आदि के बारे में जानेंगे। एचटीटीपीएस की Full Form Hypertext Transfer Protocol Secure है। एचटीटीपीएस प्रोटोकॉल का सुरक्षित संकरण है जो इसका उपयोग करता है। SSL/TLS प्रोटोकॉल एक्लिप्शन और प्रमाणीकरण के लिए। एचटीटीपीएस द्वारा निर्देशित किया गया है।

HTTPS
HTTPS

इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है। इसे आप पूरा पढ़िए यह आपको आसानी से समझ में आ जाएगा तो चलिए शुरू करते हैं …

HTTPS क्या है? (What is HTTPS) :-  

HTTPS की Full Form Hypertext Transfer Protocol Secure है। HTTPS प्रोटोकॉल का सुरक्षित संकरण है जो इसका उपयोग करता है। SSL/TLS प्रोटोकॉल एक्लिप्शन और प्रमाणीकरण के लिए। एचटीटीपीएस द्वारा निर्देशित किया गया है। RFC 2818 (मई 2000) और एचटीटीपीएस के पोर्ट 446 के बजाय डिफॉल्ट रूप में पोर्ट 80 का उपयोग करता है।

एचटीटीपीएस प्रोटोकॉल वेबसाइट उपयोगकर्ताओं के लिए सवेदनशील डेटा जैसे क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंकिंग जानकारी और इंटरनेट पर सुरक्षित रूप से लॉगइन क्रेडेशीयर संचारित करना संभव बनाया है इस कारण से एचटीटीपीएस खरीददारी, बैंकिंग और दुरसत कार्य जैसे ऑनलाइन गतिविधियों को सुरक्षित करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि एचटीटीपीएस जल्दी से मानक प्रोटोकॉल बन रहा है।

HTTPS के तीन main goals होते है –

Privacy –

Data को Encrypt करना जिससे कि client और Server के बीच कोई भी Middleman Data को Read न कर सके।

Integrity – 

यह Ensure करना कि Data दोनों End के बीच में कहीं Change न हुआ हो।

Authentication – 

इस System में Client-Server दोनों को एक दूसरे को अपनी-अपनी Identity Prove करनी पड़ती है इससे यह निश्चित किया जाता है कि जिससे Communication हो रहा है क्या उसकी पहचान सच में वही है जो वह बता रहा है। 

एचटीटीपीएस Connection में सारे Data को Cryptography के द्वारा Encrypt कर दिया जाता है यानी एक ऐसे Format में बदल दिया जाता है जिसे बिना Decryption के Decode कर पाना मुश्किल हो जाता है और इसी तरह Transfer हो रहे Sensitive Information को protect किया जाता है।

आपने किसी Website के URL के शुरुआत में https:// लगा हुआ देखा होगा इसका मतलब यह है कि आपका Data SSL के Through Secured किया गया है। आप Chrome के address में ऐसे URL के सामने Green Color में Lock Icon के साथ Secure लिखा हुआ देख सकते हैं। 

HTTPS कैसे काम करता है? (How does HTTPS work) :-

एचटीटीपीएस प्रोटोकॉल Browser और Server के बीच में एक ऐसा सुरक्षित परत बनाता है जिससे कोई भी हैकर आपके द्वारा Browser किए Data को Rrad नहीं कर सकता है यह Data को Encrypted करते हुए Transfer करता है इसके लिए यह बहुत ही सुरक्षित होता है।

मान लीजिए कि आप किसी भी Shopping साइड से कोई भी सामान Online खरीद रहे हैं तो आपको उन समान को खरीदने के लिए Online Payment जरूर की होगी. यदि उन साइट पर SSL नहीं होता तो आपके पेमेंट की Details हैकर चुरा लेता. इसलिए ज्यादातर वेबसाइट पर SSL सर्टिफिकेट लगा होता है। ताकि कोई उस वेबसाइट को कोई हैक न कर पाए।

HTTPS से संबंधित जानकारियां (Information related to HTTPS) –

अविष्कार – 

इस प्रोटोकॉल का आविष्कार Netscape Corporation ने अपने Navigator ब्राउज़र के लिए किया था।

आरभ या शुरुआत – 

एचटीटीपीएस URL की शरुआत https:// से होती है।

प्रोटोकॉल –

एचटीटीपीएस का कोई अलग प्रोटोकॉल नहीं है। यह HTTP का उपयोग करता है, लेकिन एनक्रिप्टेड TLS/SSL कनेक्शन का उपयोग करता है।

Port –

यह डिफॉल्ट रूप से पोर्ट 443 का उपयोग था। 

सुरक्षा –

यह हैकर्स को महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने से रोकने के लिए बनाया गया है यह ऐसे हमलों के खिलाफ सुरक्षित है।

इस्तेमाल –

ज्यादातर उन वेबसाइटों में इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग होता है जैसे बैंक और ई-कॉमर्स।

डेटा –

डेटा स्थानातरित से पहले एचटीटीपीएस डेटा को एंक्रिप्ट करना है इसलिए एचटीटीपीएस में जानकारी सुरक्षित है। 

SSL Certificate –

एचटीटीपीएस को SSL प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। 

Google रैंकिंग –

एचटीटीपीएस Google मैं रैंकिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है। वर्ष 2014 में Google ने HTTPS को रैंकिंग संकेत के रूप में उपयोग करना शुरू किया। 

तेजी –

एचटीटीपीएस में SSL का एक अतिरिक्त चरण है यह अतिरिक्त चरण वेबसाइट के पेज लोड की गति को थोड़ा कम करता है। 

हैकिंग –

हैकिंग की बहुत कम संभावना है। 

भरोसा –

ग्राहकों के साथ विश्वास स्थापित करना है क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी संवेदनशीलता अंकारी जैसे ब्राउज़र हिस्ट्री, खाता विवरण अधिक सुरक्षित है। 

AMP का उपयोग –

यदि आप Google AMP का उपयोग करना चाहते हैं तो एचटीटीपीएस होना आवश्यक है।

HTTPS के फायदे (Advantages of HTTPS) :-

सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर एचटीटीपीएस के कुछ फायदे निम्नलिखित है –

एचटीटीपीएस काफी सुरक्षित होता है इसे हैकर के लिए है करना इतना आसान नहीं होता है। 

यह ऑनलाइन बैंकिंग जैसे सुरक्षा ई-कॉमर्स में लेनदेन करने की अनुमति देता है। 

यह SSL/TLS प्रोटोकॉल और एचटीटीपीएस योजक होता है जो बहुत ही हाई लेवल का सुरक्षा प्रदान करता है। 

एचटीटीपीएस में एक्रिप्शन एल्गोरिथम की मदद से डेटा को और ज्यादा सुरक्षित कर दिया जाता है। 

यह User को सिक्योर कनेक्शन प्रदान करता है जिससे कोई भी बिना डर के वेबसाइट का उपयोग कर सकता है। 

एचटीटीपीएस सिक्योर वेबसाइट को Google सर्च में ज्यादा फायदा होता है एक आंकड़े के अनुसार एचटीटीपीएस सिक्योर वेबसाइट Google के शीर्ष स्लोट में 25% से बढ़कर 40% हो गया है। 

HTTPS के नुकसान (Disadvantages of HTTPS) :- 

 जब आप अपनी वेबसाइट को HTTPS पर ले जाना चाहते हैं तो इसके लिए SSL सर्टिफिकेट लेना होता है इसका प्राइस अधिक होता है और इसे हर साल नवीनकृत करना पड़ता है जिसके लिए प्रोवाइड को इसका प्राइस देना होता है। 

एचटीटीपीएस वेबसाइट को सुरक्षित करने के लिए इंक्रीप्ट और डिक्रीप्ट एल्गोरिथ्म को फॉलो करता है जिसके चलते वेबसाइट का स्पीड थोड़ा स्लो हो जाता है। 

यदि कॉन्फ़िगरेशन में समस्या होती है तो साइट एचटीटीपीएस के बजाय एचटीटीपीएस से फाइल डाउनलोड करना शुरू कर देता है। 

 

 

निष्कर्ष (Conclusion) :- 

आज हमने इस आर्टिकल में एचटीटीपीएस के बारे में जाना। एचटीटीपीएस से संबंधित सभी जानकारियां आज हमने इस आर्टिकल में पढ़ ली है। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद एचटीटीपीएस से संबंधित आपके सभी प्रश्न हल हो गए होंगे। 

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें। धन्यवाद !

 

Q. HTTPS की Full Form क्या होती है?

HTTPS की Full Form Hypertext Transfer Protocol Secure है।

Q. HTTPS के कितने  main goals होते है?

HTTPS के तीन main goals होते है, Privacy, Integrity, Authentication आदि 

Q. HTTPS में किस पोर्ट का उपयोग होता था?

यह डिफॉल्ट रूप से पोर्ट 443 का उपयोग था।

Q. HTTPS क्या सुरक्षा करता है?

यह हैकर्स को महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने से रोकने के लिए बनाया गया है यह ऐसे हमलों के खिलाफ सुरक्षित है।

Q. HTTPS URL की शुरुआत किससे होती है?

TTPS URL की शरुआत https:// से होती है।

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