अगर आप DBMS पढ़ रहे हैं तो ER Model का नाम ज़रूर सुना होगा। यह मॉडल डेटाबेस डिज़ाइन में एक अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यह डेटा और रिलेशनशिप को एक विज़ुअल डायग्राम के रूप में समझाता है। आज हम जानेंगे — E-R Model क्या है, इसके कॉम्पोनेंट्स, टाइप्स, फायदे और नुकसान, वो भी आसान हिंदी में।
ER Model क्या है? – ER Model in DBMS
ER Model का पूरा नाम Entity–Relationship Model है। इसे 1976 में Peter Chen ने विकसित किया था। यह एक high-level conceptual data model है जो डेटाबेस के स्ट्रक्चर को चित्र (diagram) के रूप में दर्शाता है। सीधे शब्दों में ER Model, डेटाबेस में मौजूद entities (जैसे Student, Teacher) और उनके बीच के relationships (जैसे पढ़ाना, पढ़ना) को ग्राफ़िकल तरीके से दिखाता है।
इसे अक्सर ER Diagram भी कहते हैं, क्योंकि यह rectangle, oval, और diamond जैसे शेप का उपयोग करके डेटा को दर्शाता है।

ER Model के Components
ER Model में मुख्य रूप से 3 कॉम्पोनेंट्स होते हैं —
- Entity (एंटिटी)
- Relationship (रिलेशनशिप)
- Attribute (एट्रिब्यूट)
1. Entity (एंटिटी)
एंटिटी का मतलब — कोई भी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, या चीज़ जिसके बारे में डेटा स्टोर करना हो।
ER Diagram में इसे rectangle (आयत) से दर्शाया जाता है।
Entity Set
एक जैसे टाइप की सभी entities का समूह — Entity Set कहलाता है।
उदाहरण:
Student (entity) → सभी Students का डेटा → Student Entity Set

Types of Entity
- Strong Entity — जिसके पास primary key होती है और जिसे अकेले uniquely पहचाना जा सके।
- Weak Entity — जिसके पास अपनी primary key नहीं होती और जो किसी दूसरी entity पर निर्भर होती है। इसे double rectangle से दर्शाते हैं।
2. Relationship (रिलेशनशिप)
Relationship दो entities के बीच का कनेक्शन दर्शाता है।
ER Diagram में इसे diamond (हीरे के आकार) से दिखाते हैं।
Relationship के प्रकार
- One to One (1:1) → एक entity का एक instance, दूसरी entity के सिर्फ एक instance से जुड़ा हो।

- One to Many (1:M) → एक entity, दूसरी entity के कई instances से जुड़ी हो।

- Many to One (M:1) → कई entities, दूसरी entity के एक instance से जुड़ी हों।

- Many to Many (M:M) → कई entities, कई entities के साथ जुड़ी हों।

Relationship की Degree
- Binary → 2 entities के बीच
- Ternary → 3 entities के बीच
- N-ary → N entities के बीच
3. Attribute (एट्रिब्यूट)
Attribute, किसी entity की property या detail होती है।
ER Diagram में इसे oval (अंडाकार) से दर्शाया जाता है।
Types of Attributes
- Key Attribute → entity को uniquely पहचानने वाला attribute (जैसे Roll No)।

- Composite Attribute → जो कई छोटे attributes से मिलकर बना हो (जैसे Address → City, State, Pin Code)।

- Single Valued Attribute → जिसमें एक entity के लिए केवल एक value हो (जैसे Age)।
- Multivalued Attribute → जिसमें एक entity के लिए एक से अधिक values हों (जैसे Phone Numbers)।

- Derived Attribute → जिसकी value किसी दूसरे attribute से निकाली जाए (जैसे Birth Date से Age निकालना)।

ER Model का उदाहरण
मान लीजिए, हम एक School Database डिज़ाइन कर रहे हैं:
- Entities → Student, Teacher, Class
- Attributes → Name, Roll No, Subject
- Relationships → Student “studies in” Class, Teacher “teaches” Class
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ER Model के फायदे
- समझने और बनाने में आसान
- Database structure को साफ़ तरीके से दर्शाता है
- Designers और Developers के बीच communication आसान करता है
- दूसरे data models में आसानी से convert किया जा सकता है
ER Model के नुकसान
- Industry में इसका कोई fixed standard नहीं है
- कुछ data details छूट सकती हैं
- Data manipulation को directly show करना मुश्किल होता है
निष्कर्ष
ER Model किसी भी डेटाबेस का पहला और सबसे ज़रूरी step होता है। यह आपके डेटा का एक साफ़ और विज़ुअल ब्लूप्रिंट देता है, जिससे आप बिना coding के भी डेटाबेस की पूरी रूपरेखा समझ सकते हैं। अगर आप DBMS सीख रहे हैं तो ER Diagram बनाना अच्छी तरह आना चाहिए — यही आगे database design में आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।