Domain in DBMS (डोमेन) – आसान भाषा में पूरी जानकारी
डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) में डोमेन (Domain) एक महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट है। किसी भी टेबल के Attribute (Column) में कौन-कौन सी वैल्यूज़ स्टोर की जा सकती हैं, इसे डोमेन द्वारा तय किया जाता है।
डोमेन क्या है? – Domain in DBMS
डोमेन का मतलब है – किसी attribute के लिए permitted (allowed) unique values का सेट।
यानि, किसी कॉलम में केवल वही वैल्यू डाली जा सकती है जो उसके डोमेन में परिभाषित की गई हो।
डोमेन का उदाहरण
मान लीजिए हमारे पास एक टेबल में Gender नाम का कॉलम है।
- Gender के लिए हम डोमेन तय करते हैं:
इसका मतलब है कि इस कॉलम में सिर्फ यही तीन वैल्यूज़ दर्ज की जा सकती हैं।
अगर कोई और वैल्यू डाली जाएगी (जैसे “Unknown” या “NA”), तो डेटाबेस उसे रिजेक्ट कर देगा।
डोमेन के फायदे
- डेटा की वैलिडेशन – गलत या अवैध डेटा एंट्री नहीं हो पाती।
- कंसिस्टेंसी – पूरे डेटाबेस में एक जैसा डेटा फॉर्मेट रहता है।
- डेटा क्वालिटी में सुधार – सही और सटीक डेटा स्टोर होता है।
DBMS में डोमेन के प्रकार
- Text Domain – जैसे नाम, शहर, ईमेल इत्यादि।
- Numeric Domain – जैसे उम्र (Age), कीमत (Price) आदि।
- Date/Time Domain – जैसे जन्मतिथि, ऑर्डर की तारीख।
- Enumerated Domain – जैसे {Male, Female, Others}।
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निष्कर्ष
डोमेन DBMS का एक अहम हिस्सा है जो डेटा को सही और सटीक बनाए रखता है। यह न केवल डेटा की गुणवत्ता को बनाए रखता है, बल्कि डेटाबेस को और भी भरोसेमंद बनाता है।